My passion...........My love
गुनगुना रहे हैं भवरे....खिल रही कली कली
गली गली.....कली कली
कहाँ आंखों में आंसू बोलते हैं मैं मेहनतकश हूँ............. मेरे बाजू बोलते हैं
चेहरे वही हैं पहाड़ी शहर के.........हँसमुख और उदास चेहरे
वे हमें और हम उन्हें पहचानते हैं.......लेकिन जानते नहीं कि
वे हम हैं...........................या हम वे हैं